राष्‍ट्रीय

बंगाल के मिड-डे मील से अंडा हटाने पर महुआ मोइत्रा का हमला

Satyakhabarindia

पश्चिम बंगाल में स्कूलों के मिड-डे मील से अंडे हटाकर शाकाहारी मेन्यू लागू करने के फैसले ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस कदम को बंगाल की खान-पान संस्कृति के खिलाफ बताते हुए बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि सरकार इसे बेहतर पोषण और गुणवत्तापूर्ण भोजन की पहल बता रही है।

मिड-डे मील के नए मेन्यू पर छिड़ा विवाद

कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के अंतर्गत आने वाले कुछ स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ISKCON द्वारा तैयार शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा। इस नई व्यवस्था में अंडों की जगह पनीर, राजमा, सोया, दाल और अन्य प्रोटीन युक्त शाकाहारी खाद्य पदार्थ शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।

महुआ मोइत्रा ने सरकार पर साधा निशाना

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि बंगाल के बच्चों की खान-पान की आदतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि अंडा उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन है और राज्य के अधिकांश बच्चे इसे पसंद करते हैं, जबकि सोया और राजमा उनकी सामान्य भोजन संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इसका कारण केवल पोषण है तो अंडे को हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।

आज 29 जून 2026 का पंचांग और राशिफल

बंगाल के मिड-डे मील से अंडा हटाने पर महुआ मोइत्रा का हमला

स्थानीय खान-पान बनाम नई नीति

महुआ मोइत्रा ने कहा कि बंगाल में राजमा उतना लोकप्रिय नहीं है जितना उत्तर भारत में है। उनके अनुसार, यदि सरकार शाकाहारी भोजन को बढ़ावा देना चाहती है तो पहले उसे यह देखना चाहिए कि स्थानीय बच्चे वास्तव में क्या खाना पसंद करते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए सुझाव दिया कि यदि राजमा-चावल इतना उपयुक्त है तो इसे पहले विधायकों की कैंटीन में परोसा जाए।

सरकार ने फैसले का किया बचाव

बीजेपी सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसी पर धार्मिक या सांस्कृतिक विचार थोपना नहीं, बल्कि बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि वैज्ञानिक मानकों के अनुसार शाकाहारी भोजन से भी आवश्यक प्रोटीन और पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के घरों पर पुलिस की छापेमारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, 8 आरोपियों के घरों पर पुलिस की छापेमारी

शिक्षकों ने जताई चिंता

कई शिक्षकों का मानना है कि जिन दिनों स्कूलों में अंडा परोसा जाता है, उन दिनों छात्रों की उपस्थिति अधिक रहती है। उनका कहना है कि बच्चों में अंडे की लोकप्रियता काफी ज्यादा है और यह देखना होगा कि क्या राजमा, सोया या अन्य विकल्प भी उतनी ही स्वीकार्यता हासिल कर पाएंगे। यदि बच्चों को नया भोजन पसंद नहीं आया तो मिड-डे मील योजना के उद्देश्य पर असर पड़ सकता है।

राजनीतिक बहस के साथ पोषण पर भी सवाल

यह विवाद केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के पोषण, स्थानीय खान-पान की संस्कृति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी नई बहस छेड़ रहा है। आने वाले समय में इस पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम यह तय करेंगे कि शाकाहारी मेन्यू को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा या सरकार इसमें बदलाव करेगी।

कानपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, चलते प्रोपेलर की चपेट में आई प्रशिक्षु पायलट; DGCA ने शुरू की जांच
कानपुर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, चलते प्रोपेलर की चपेट में आई प्रशिक्षु पायलट; DGCA ने शुरू की जांच

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button